मेरे अपने घर के भी सौ दर्द— मेरी राह देखते हैं।
ये ज़िंदगी उसे हर रोज़ थोड़ा और रुलाती है…
उसकी यादों ने हर रात मुझे रोने पर मजबूर कर दी।
इशारे से कहा हम दिल का ऐसा हाल करते हैं…!
वही सबसे पहले हमारे विश्वास को तोड़ जाते हैं।
हर सुबह तुम्हारे मैसेज का इंतज़ार रहता है,
हर शाम ढल जाती है… बस उसके कदमों की आहट बची रह जाती है।
हम जिसपे खिलते है, उसी पे मुर्झा भी जाते है…!
वहम से भी खत्म हो जाते हैं अक्सर रिश्ते,
क्योंकि उसे पता है— लोग हँसते हैं लड़कियों के दर्द पर भी।
अरे इतनी नफरत है उसे Sad Shayari in Hindi मुझसे की मैं मर भी जाऊं,
हम भी चकनाचूर हो गए… दिल संभालना मुश्किल हो गया है।
कहो तो भेज दू अपना दिल फिर से दुखाने को।
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।